![]() |
| स्टांप शुल्क |
प्रश्न – 6 जनवरी, 2026 को उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा पारिवारिक सदस्यों के मध्य निष्पादित अचल संपत्ति के दान विलेख पर स्टाम्प शुल्क में दी जा रही छूट के दायरे को बढ़ाने से संबंधित निम्नलिखित में से कौन – सा तथ्य सही नहीं है?
(a) इस निर्णय से पारिवारिक सदस्यों के मध्य व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी स्टाम्प शुल्क में बड़ी राहत मिलेगी।
(b) अब तक यह छूट केवल कृष्य और आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी।
(c) इस छूट को पारिवारिक सदस्यों के मध्य केवल कृषि संपत्तियों के दान पर लागू किया जाएगा।
(d) 5,000 रुपये तक की छूट दी जाएगी, जो संपत्ति के मूल्य के आधार पर निर्धारित है।
उत्तर – (d)
व्याख्यात्मक उत्तर
6 जनवरी, 2026 को उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा राज्य में परिवार के सदस्यों के मध्य निष्पादित अचल संपत्ति के दान विलेख पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क में दी जा रही छूट के दायरे को और व्यापक करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।
इस निर्णय से अब पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी स्टाम्प शुल्क में बड़ी राहत मिलेगी।
अभी तक भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में दान विलेखों पर संपत्ति के मूल्य के अनुसार हस्तांतरण पत्र (कन्वेयंस डीड) की भांति स्टाम्प शुल्क देय होता है, जबकि रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के प्रावधानों के अनुसार अचल संपत्ति के दान विलेख का पंजीकरण अनिवार्य है।
स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 की 3 अगस्त 2023 की अधिसूचना के माध्यम से यह व्यवस्था की गई थी, कि यदि अचल संपत्ति का दान परिवार के सदस्यों के पक्ष में किया जाता है तो स्टाम्प शुल्क में छूट देते हुए अधिकतम 5,000 ही लिया जाएगा।
यह छूट अब तक केवल कृष्य एवं आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी।
योगी कैबिनेट द्वारा पारित प्रस्ताव के तहत इस छूट को पारिवारिक सदस्यों के मध्य व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी लागू करने का निर्णय लिया गया है।
इससे परिवारों के बीच संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली हो जाएगी।
