
मेंढक की दो नई प्रजातियों
Q. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
1. जनवरी, 2026 में अरुणाचल प्रदेश में वैज्ञानिकों द्वारा मेंढकों की दो नयी प्रजातियों की खोज की गई है।
2. इनका नाम सोमन स्लेंडर आर्म फ्रॉग (Leptobrachium somani) और मेचुका स्लेंडर आर्म फ्रॉग (Leptobrachium mechuka) रखा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ?
(a) 1 और 2 दोनों
(b) रकेवल 1
(c) केवल 2
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (a)
व्याख्यात्मक उत्तर
- जनवरी, 2026 में अरुणाचल प्रदेश में वैज्ञानिकों द्वारा मेंढकों की दो नई प्रजातियों की खोज की गईं है।
- इनका नाम सोमन स्लेंडर आर्म फ्रॉग (Leptobrachium somani) और मेचुका स्लेंडर आर्म फ्रॉग (Leptobrachium mechuka) रखा गया है।
- भारत के मेंढक विशेषज्ञ एस.डी. बिजू के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने यह उपलब्धि हासिल की है।
- विश्व स्तर पर इसकी 39 प्रजातियां ज्ञात हैं जिनमें से पहले केवल चार के भारत से होने की जानकारी मिली थी।
- सोमन स्लेंडर आर्म फ्रॉग (Leptobrachium somani)
- Leptobrachium जीनस Megophryidae परिवार का हिस्सा है।
- यह पतली भुजाओं वाले मेंढकों की एक नवीन प्रजाति है, जिसकी खोज अरुणाचल प्रदेश के तिवारीगांव क्षेत्र में की गई।
- इस मेंढक की लंबाई लगभग 55 मिमी होती है, जिसकी आंखें सिल्वर-ग्रे से हल्के नीले रंग की होती हैं।
- इसका शरीर ग्रे-भूरे रंग का होता है, जिस पर असमान हल्के ग्रे धब्बे पाए जाते हैं।
- यह प्रजाति सदाबहार वनों में पाई जाती है, और नर आमतौर पर नदियों व धाराओं के किनारे से आवाज़ करते हुए देखे जाते हैं।
- इसका नाम दिवंगत पत्रकार ई. सोमनाथ की स्मृति में रखा गया है , जो पर्यावरण पत्रकारिता के प्रति उनके आजीवन योगदान का सम्मान है।
- उल्लेखनीय है कि पत्रकार ई. सोमनाथ, प्रोफेसर बिजू के घनिष्ठ सहयोगी भी थे।
- मेचुका स्लेंडर आर्म फ्रॉग (Leptobrachium mechuka)
- यह भी पतली भुजाओं वाले मेंढकों की एक नई प्रजाति है, जिसका नाम अरुणाचल प्रदेश के मेचुका नगर के नाम पर रखा गया है।
- लगभग 60 मिमी. लंबी यह प्रजाति सदाबहार वनों तथा उनसे सटे घास के मैदानों में पाई जाती है।
- इसका शरीर समान रूप से भूरे रंग का होता है जिसमें हल्की लालिमा झलकती है जबकि इसकी आंखें आकर्षक चांदी जैसी सफेद रंग की होती हैं।