
मेलघाट टाइगर रिजर्व
Q जनवरी, 2026 में बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) द्वारा महाराष्ट्र के मेलघाट टाइगर रिजर्व में भारतीय गिद्धों की रिहाई के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. छोड़े गए सभी गिद्ध गंभीर रूप से संकटग्रस्त (Critically Endangered) श्रेणी के हैं।
2. इन गिद्धों को पिंजौर (हरियाणा) स्थित गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र से लाया गया था।
3. गिद्धों को रिहाई से पूर्व पूर्व-रिहाई एवियरी (Pre-release Aviary) में रखा गया था।
4. सभी गिद्धों पर GPS आधारित GSM और सैटेलाइट टैग लगाए गए हैं ताकि उनकी निगरानी की जा सके।
उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
(a) 1, 2 और 3
(b) 1, 2 और 4
(c) 2, 3 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर – (d)
व्याख्यात्मक उत्तर
- जनवरी, 2026 में बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) ने अपने गिद्ध संरक्षण कार्यक्रम के तहत महाराष्ट्र के मेलघाट टाइगर रिजर्व में 15 गंभीर रूप से संकटग्रस्त भारतीय गिद्धों को जंगल में छोड़ा है।
- इन मृतभक्षी पक्षियों को पिंजौर स्थित गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र से अमरावती जिले के सोमथाना रेंज में 23 अप्रैल, 2025 को स्थानांतरित किया गया था।
- उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल बनाने के लिए एक पूर्व-रिहाई एवियरी (पिंजरा) में रखा गया था।
- सभी गिद्धों पर 19 दिसंबर, 2025 को GSM और सैटेलाइट टैग लगाए गए, जिससे वैज्ञानिक उनकी गतिविधियों और जीवित रहने की स्थिति को ट्रैक कर सकें।
- गिद्धों की “सॉफ्ट रिलीज़ प्रक्रिया” 2 जनवरी, 2026 से शुरू की गई, जब एवियरी के दरवाजे रिमोट से खोले गए और पक्षियों को स्वाभाविक रूप से बाहर निकलने के लिए पिंजरे के बाहर भोजन रखा गया।