प्रश्न – निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए, जो हाल ही में सेवामुक्त की गई भारतीय नौसेना की पनडुब्बी आईएनएस सिंधुघोष से संबंधित हैं:
आईएनएस सिंधुघोष को 19 दिसंबर, 2025 को 40 वर्षों की सेवा के बाद सेवामुक्त किया गया।
इसका सेवामुक्ति समारोह मुंबई स्थित नौसेना डॉकयार्ड में आयोजित किया गया।
यह पनडुब्बी रूसी प्रोजेक्ट 877EKM डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों का भारतीय संस्करण है।
आईएनएस सिंधुघोष को 30 अप्रैल 1986 को लातविया के रीगा में कमीशन किया गया था।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही हैं?
(a) 1, 2 और 3
(b) 1, 2, 3 और 4
(c) 2 और 4
(d) 1 और 3
उत्तर – (b)
व्याख्यात्मक उत्तर
19 दिसंबर, 2025 को भारतीय नौसेना की अपनी श्रेणी की प्रमुख पनडुब्बी, आईएनएस सिंधुघोष को राष्ट्र की 40 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद सेवामुक्त कर दिया गया है।
सेवामुक्ति समारोह मुंबई स्थित नौसेना डॉकयार्ड में डब्ल्यूएनसी के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन की उपस्थिति में आयोजित किया गया।
लेफ्टिनेंट कमांडर रजत शर्मा की कमान में पनडुब्बी को सेवामुक्त किया गया।
पनडुब्बी के दूसरे कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन के.आर. अजरेकर (सेवानिवृत्त) विशिष्ट अतिथि थे।
इस पनडुब्बी को 30 अप्रैल,1986 को रीगा,लातविया में कमांडर केसी वर्गीस की कमान में कमीशन किया गया था।
यह पनडुब्बी रूसी प्रोजेक्ट 877ईकेएम डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों का भारतीय संस्करण है।
