ईरान ने तीन लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट लॉन्च किए हैं

0

 

Low-Earth Orbit

प्रश्न – निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
1. 28 दिसंबर, 2025 को ईरान ने रूस की सहायता से अपने तीन स्वदेशी उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा (Low-Earth Orbit) में सफलतापूर्वक स्थापित किया।
2. रूस के सोयूज़ रॉकेट प्रक्षेपण यान की सहायता से तीनों उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ?
(a) 1 और 2 दोनों 
(b) केवल 1
(c) केवल 2 
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (a)
व्याख्यात्मक उत्तर

  • 28 दिसंबर, 2025 को ईरान ने रूस की सहायता से अपने तीन स्वदेशी उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा (Low-Earth Orbit) में सफलतापूर्वक स्थापित किया।
  • रूस के सोयूज़ रॉकेट प्रक्षेपण यान की सहायता से तीनों उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया गया।
  • यह एक राइडशेयर/मल्‍टी-पेलोड मिशन था, जिसमें रूस के दो पृथ्वी -अवलोकन उपग्रहों (अइस्त-2T # 1 और #2)के साथ-साथ विभिन्न ग्राहकों के लिए कुल 52 पेलोड (2+50 अन्‍य) कक्षा में भेजे गए; इनमें ईरान के 3 उपग्रह शामिल थे।
  • ईरान के अनुसार प्रक्षेपित उपग्रहों में ‘पाया’, ‘ज़फ़र-2’ और कोसर-1.5’ का दूसरा संस्करण शामिल है।
  • ये सभी उपग्रह पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में संचालन हेतु डिज़ाइन किए गए हैं।
  • इन उपग्रहों का डिज़ाइन एवं निर्माण ईरान में (घरेलू/स्वदेशी रूप से) किया गया है।
  • इन्‍हें मुख्य रूप से नागरिक उद्देश्यों की पूर्ति, जैसे कृषि उत्पादकता की निगरानी, प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन, और पर्यावरणीय परिस्थितियों का आकलन करने हेतु निर्मित एवं विकसित किया गया है।
  • उल्लेखनीय है कि यह उपलब्धि तेहरान के बढ़ते अंतरिक्ष कार्यक्रम और रूस के साथ उसके रणनीतिक व तकनीकी सहयोग को दर्शाती है।
  • ध्यातव्य है कि सोयूज़ एक दीर्घकालिक रूसी प्रक्षेपण यान प्रणाली (राकेट) है, जिसका उपयोग मानवयुक्त और मानवरहित दोनों प्रकार के अभियानों में किया जाता है।
  • पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) सामान्यतः 160 से 2,000 किलोमीटर की ऊंचाई तक लगभग होती है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

We use cookies to improve your experience. Check Out
Ok, Go it!